ग्राम पंचायत इटार पहाड़ में गौशाला निर्माण के लिए स्वीकृत राशि 23 लाख रुपया कौन कर लिया हजम ❓❓

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ग्राम पंचायत इटार पहाड़ में गौशाला का नहीं हुआ पूरा निर्माण कार्य,23 लाख रुपया हो गया हजम❓

गौशाला निर्माण के लिए स्वीकृत राशि 23 लाख रुपया कौन कर लिया हजम ❓❓

✍️ निखिल पाठक की कलम से..✍️

रीवा-गुढ़ -:

अपनी काली करतूतों की वजह से हमेशा सुर्खियों में रहने वाले सचिव ने फिर से एक नया कारनामा कर डाला। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत इटार पहाड़ में पदस्थ महिला सचिव सरोज पाण्डेय ने अब तक करोड़ों रुपए का घोटाला किया लेकिन आज तक नहीं हुई कोई जांच ।
मामला रीवा जिले के जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियान अंतर्गत ग्राम पंचायत इटार पहाड़ का है जहां पर गौशाला निर्माण के लिए स्वीकृत राशि 23 लाख रुपए आहरित कर लिया गया लेकिन गौशाला आज भी अर्धनिर्मित व अर्धनग्न हालत में पड़ा अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत इटार पहाड़ में पदस्थ महिला सचिव सरोज पाण्डेय द्वारा गौशाला के लिए स्वीकृत राशि 23 लाख रुपए आहरित करके हजम कर लिया गया लेकिन गौशाला का पूर्ण निर्माण कार्य नहीं करवाया गया।
आपको बता दें कि महिला सचिव सरोज पाण्डेय जिन-जिन ग्राम पंचायतों में पदस्थ थीं उन ग्राम पंचायतों की हालत ऐसी कर डाली कि विकास कार्य के मामले में शून्य तो है ही लेकिन वहां के सरपंच आज भी उक्त सचिव के नाम पर आंसू बहा रहे हैं। आम जनता के साथ-साथ सरपंचों ने कई बार उक्त सचिव के खिलाफ शिकायत की यहां तक कि ग्रामीणों ने सचिव सरोज पाण्डेय को ग्राम पंचायत से हटाने तक की मांग की लेकिन आज तक किसी प्रशासनिक अधिकारी की हिम्मत नहीं हुई कि उक्त सचिव के खिलाफ कोई वैधानिक कार्यवाही कर सके जिससे सचिव का हौंसला इतना बुलंद हो गया कि निर्माण कार्यों के लिए स्वीकृत राशि को आहरित करके सीधे हजम कर लिया जाता है।
पूर्व में प्रकाशित खबरों व सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत इटार पहाड़ में पदस्थ महिला सचिव सरोज पाण्डेय के पतिदेव वर्तमान विधायक के कृपापात्र व करीबी है जिसके चलते सचिव सरोज पाण्डेय द्वारा बेझिझक घोटाला पर घोटाला किया जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सभी पंचायतों को मिला कर उक्त सचिव द्वारा करोड़ों रूपए से अधिक का घोटाला किया जा चुका है, आमजनता द्वारा हजारों बार शिकायत की गई इसके बावजूद भी आज तक कोई जांच कमेटी नहीं गठित हुई और न ही कोई जांच हुई , आखिर क्यों❓। कुल मिलाकर वहीं कहावत चरितार्थ हो रही है कि *सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का ?* ।
यहां पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब ग्राम पंचायत इटार पहाड़ की जनता ने उक्त सचिव को नकार दिया तथा जिला कलेक्टर तक को लिखित आवेदन देकर उक्त सचिव को ग्राम पंचायत इटार पहाड़ से हटाने की मांग किया इसके बावजूद भी उक्त सचिव ग्राम पंचायत इटार पहाड़ में किसकी कृपा से आज भी पदस्थ हैं ❓ उक्त सचिव द्वारा करोड़ों रुपए से अधिक का गोलमाल किया गया हजारों शिकायतें हुई इसके बावजूद भी आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई, आखिर क्यों ❓ इसी तरह के अनेकों सवाल आमजनता के मन में उपजते हैं क्योंकि भैया ये पब्लिक है सब जानती है।
✍️ निखिल पाठक की कलम से..✍️

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